व्हाट्सएप्प, वाइबर और स्काइप के जरिये फ्री कॉलिंग की सुविधा समाप्त करने की सिफारिश

इंटरनेट की व्हाट्सएप्प, वाइबर और स्काइप जैसी मैसेंजर सेवाओं के माध्यम से घरेलू निशुल्क कॉल प्रणाली को समाप्त करने की दिशा में एक आधिकारिक समिति ने सुझाव दिया है कि टैरिफ और नियमन के लिए नियमित दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के निमित्त इनका मानदंड निर्धारित किया जाना चाहिए।

समिति ने कहा, 'इस नियमन से उनके द्वारा दी जा रही अन्य दूरसंचार सेवाओं पर बाधा नहीं आनी चाहिए। मौजूदा दूरसंचार लाइसेंस शर्तों के तहत इंटरनेट दूरभाष को सीमित शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है। लेकिन ओटीटी के मूल्य निर्धारण (ओवर द टॉप) के साथ घरेलू वॉइस संचार सेवाओं में मौजूदा दूरसंचार आय के मॉडल को ध्वस्त करने की क्षमता है।'

तकनीक विशेषज्ञ ए.के.भार्गव की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा कि दूरसंचार और इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराई गई टैरिफ योजनाओं को सरकार के इंटरनेट तटस्थता के सिद्धांतों पर खरा उतरना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'वैध यातायात प्रबंध गतिविधियों को मंजूरी दी जानी चाहिए लेकिन इन्हें इंटरनेट तटस्थता के मुख्य सिद्धांतों के खिलाफ जांचा जाना चाहिए।'

इंटरनेट तटस्थता से अभिप्राय है कि सरकार और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को इंटरनेट पर सभी डेटा और सेवाओं को समान रूप से उपलब्ध करानी चाहिए। इंटरनेट के इस्तेमाल पर, उसकी सामग्री, साइटों, एप आदि के लिए उपभोक्ताओं से अलग से शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।

समिति की रिपोर्ट की कुछ खास बातें
- नई तकनीकों और बुनियादी सुविधाओं को समय-समय पर उन्नत किया जाए ताकि इसके दुरुपयोग से बचा जा सके।
- इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के अधिकारों को सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सेवा प्रदाता कंपनी इंटरनेट पर सामग्री भेजने, प्राप्त करने, दिखाने, इस्तेमाल करने, कोई भी कानूनी सामग्री साझा करने के लिए उपभोक्ताओं के अधिकारों को सीमित नहीं करे।
-ओटीटी एप सेवाओं के लिए पारंपरिक संचार सेवाओं की तरह नियामक चौकसी नहीं रखी जाए।
- नए विधेयकों में इंटरनेट तटस्थता के सिद्धांतों को समेटा गया हो।

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